कोलकाता/बिष्णुपुर। पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर राजनीतिक प्रचार करने का आरोप लगाया है। हुगली जिले के तारकेश्वर में एक रैली को संबोधित करते हुए ममता ने कहा कि महिला आरक्षण बिल पर राष्ट्र के नाम संबोधन के जरिए भाजपा का प्रचार किया गया। उन्होंने इस मामले में चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराने की बात कही।
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिष्णुपुर में आयोजित जनसभा में तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता सरकार ने बंगाल की महिलाओं को धोखा दिया है और नहीं चाहती कि राज्य की अधिक महिलाएं संसद तक पहुंचें। पीएम ने कहा कि आने वाले विधानसभा चुनाव में महिलाएं इसका जवाब जरूर देंगी।
PM मोदी का बंगाल दौरा, चार रैलियों में साधा निशाना
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने बंगाल दौरे के दौरान बिष्णुपुर, पुरुलिया, झाड़ग्राम और मेदिनीपुर में चार चुनावी रैलियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन में राज्य का विकास ठहर गया है, जबकि देश तेजी से आगे बढ़ रहा है।
पीएम ने आरोप लगाया कि टीएमसी सरकार के कार्यकाल में युवाओं की भर्ती, मिड-डे मील, मनरेगा और गरीबों के आवास जैसी योजनाओं में भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य के युवा रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर हैं।
कड़ा संदेश और चुनावी दावे
प्रधानमंत्री ने टीएमसी कार्यकर्ताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि 4 मई के बाद अपराधियों पर सख्त कार्रवाई होगी। वहीं, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में भाजपा “दोहरा शतक” लगाएगी।
दूसरी ओर, अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी ने भी चुनावी समीकरणों में हलचल पैदा करते हुए एक निर्दलीय उम्मीदवार को समर्थन देने का ऐलान किया है।
पश्चिम बंगाल में जारी इस राजनीतिक बयानबाजी के बीच चुनावी मुकाबला और भी दिलचस्प होता जा रहा है, जहां सभी दल अपनी-अपनी रणनीति के साथ मैदान में उतर चुके हैं।