मेरठ। मेरठ के बहुचर्चित ‘नीले ड्रम’ हत्याकांड में मंगलवार को कोर्ट परिसर में उस समय भावुक माहौल बन गया, जब आरोपी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत में पेश किया गया। हत्याकांड के मृतक सौरभ राजपूत की मां रेनू देवी अपने बेटे को याद कर कोर्ट परिसर में ही फूट-फूटकर रो पड़ीं। उनका यह दर्द और आक्रोश वहां मौजूद लोगों के लिए भी दिल दहलाने वाला था।
‘हत्यारों को फांसी हो’
पेशी के दौरान पुलिस की भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मुस्कान रस्तोगी अपनी छह माह की बच्ची को गोद में लिए दिखाई दी। जैसे ही सौरभ राजपूत की मां रेनू देवी ने मुस्कान को देखा, उनका संयम जवाब दे गया। वे बिलखते हुए बार-बार चिल्लाती रहीं, “मेरे बेटे को मार डाला… वह हर महीने 50 हजार रुपये देता था, फिर भी इन्होंने उसे मार दिया। हत्यारों को फांसी की सजा होनी चाहिए।”
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रेनू देवी ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि इस हत्याकांड में मुस्कान के परिवार के सदस्य भी शामिल हैं, लेकिन पुलिस उन पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था ऐसी थी कि मानो पूरा इलाका छावनी में तब्दील हो गया हो।
क्या है नीले ड्रम हत्याकांड?
मेरठ के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र में पिछले वर्ष मार्च महीने में सामने आया यह मामला देश भर में चर्चा का विषय बन गया था। पुलिस जांच और खुलासे के अनुसार:
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हत्याकांड का तरीका: मुस्कान रस्तोगी ने अपने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर पति सौरभ राजपूत की बेरहमी से हत्या कर दी थी।
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शव को ठिकाने लगाना: हत्या के बाद आरोपियों ने शव को एक प्लास्टिक के नीले ड्रम में डालकर सीमेंट से सील कर दिया था, ताकि दुर्गंध न आए और सुराग न मिल सके।
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गिरफ्तारी: वारदात के बाद आरोपी फरार हो गए थे, लेकिन बाद में पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
सुरक्षा के बीच हुई पेशी
आरोपियों को मेरठ की चौधरी चरण सिंह जिला जेल से भारी सुरक्षा के बीच अदालत लाया गया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान दोनों आरोपी करीब 46 मिनट तक मौजूद रहे, जहां अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्यवाही पूरी की।