नई दिल्ली: Microsoft Employees Voluntary Exit Offer 2026: दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियों में शामिल माइक्रोसॉफ्ट अपने कर्मचारियों की संख्या और परिचालन लागत को लेकर बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने करीब 60 हजार कर्मचारियों के लिए वॉलेंटरी एग्जिट ऑफर पेश किया है। इसके तहत पात्र कर्मचारियों को उनके ग्रेड के अनुसार एकमुश्त भुगतान किया जा सकता है, जो अधिकतम एक साल की सैलरी के बराबर हो सकता है। इस योजना के दायरे में भारत समेत अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा के कर्मचारी आ सकते हैं।
बताया जा रहा है कि कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सिस्टम इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते खर्च के बीच अपने खर्चों को संतुलित करना चाहती है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कुल कितने कर्मचारियों को इस योजना के तहत ऑफर दिया जाएगा।
माइक्रोसॉफ्ट के किन कर्मचारियों को मिलेगा ऑफर?
रिपोर्ट के अनुसार, माइक्रोसॉफ्ट की यह योजना लेवल 70 या उससे नीचे के पदों पर काम करने वाले पात्र कर्मचारियों के लिए है। इसमें जूनियर और मिड-लेवल कर्मचारियों के साथ कुछ मैनेजर और अन्य पेशेवर भी शामिल हो सकते हैं।
माइक्रोसॉफ्ट में कर्मचारियों के पदों को अलग-अलग लेवल में बांटा गया है। आमतौर पर शुरुआती स्तर के पदों से लेकर वरिष्ठ पदों तक यह व्यवस्था लागू होती है। कंपनी की योजना के तहत पात्र कर्मचारियों को ईमेल के जरिए जानकारी देने की बात कही गई है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कर्मचारियों को ऑफर स्वीकार करने या नहीं करने के बारे में तय समयसीमा के भीतर फैसला लेना होगा। हालांकि, योजना की विस्तृत शर्तों और इससे प्रभावित होने वाले कर्मचारियों की वास्तविक संख्या की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
एक साल तक की सैलरी, क्या है वॉलेंटरी एग्जिट ऑफर?
वॉलेंटरी एग्जिट ऑफर का मतलब है कि कंपनी कर्मचारियों को स्वेच्छा से नौकरी छोड़ने के बदले आर्थिक पैकेज देती है। इसका उद्देश्य बिना सीधे जबरन छंटनी किए कर्मचारियों की संख्या कम करना और खर्चों को नियंत्रित करना होता है।
माइक्रोसॉफ्ट की इस कथित योजना में कर्मचारियों को उनके ग्रेड के आधार पर एकमुश्त भुगतान देने की बात कही गई है। यह राशि अधिकतम एक साल की सैलरी के बराबर हो सकती है।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर कर्मचारी को पूरे 12 महीने की सैलरी मिलेगी। वास्तविक भुगतान संबंधित कर्मचारी के पद, पात्रता और योजना की शर्तों पर निर्भर करेगा।
जो कर्मचारी यह ऑफर स्वीकार नहीं करेंगे, वे अपनी मौजूदा भूमिका में काम जारी रख सकते हैं। कंपनी की जरूरतों के मुताबिक कुछ कर्मचारियों को दूसरी टीम या प्रोजेक्ट में भी भेजा जा सकता है।
AI पर बढ़ते खर्च के बीच कंपनी का फैसला
टेक्नोलॉजी कंपनियां इन दिनों आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लाउड कंप्यूटिंग में भारी निवेश कर रही हैं। AI मॉडल विकसित करने, डेटा सेंटर बनाने और कंप्यूटिंग क्षमता बढ़ाने के लिए बड़े स्तर पर संसाधनों की जरूरत होती है।
माइक्रोसॉफ्ट भी AI से जुड़े उत्पादों और सेवाओं के विस्तार पर काम कर रही है। ऐसे में कंपनी के खर्चों को नियंत्रित करने और कर्मचारियों की संख्या को व्यावसायिक जरूरतों के अनुसार व्यवस्थित करने की कोशिश की जा सकती है।
हालांकि, इस कथित एग्जिट ऑफर को केवल AI खर्च की भरपाई से जोड़ने के लिए कंपनी के आधिकारिक बयान या अन्य विश्वसनीय पुष्टि की जरूरत होगी।
पहले भी कर्मचारियों की नौकरियों पर पड़ा है असर
माइक्रोसॉफ्ट ने पिछले कुछ वर्षों में अपने संगठनात्मक ढांचे में कई बदलाव किए हैं। टेक इंडस्ट्री में लागत घटाने, टीमों को पुनर्गठित करने और AI जैसी नई तकनीकों पर ध्यान केंद्रित करने के कारण कई कंपनियों ने कर्मचारियों की संख्या में कटौती की है।
दिए गए समाचार विवरण के अनुसार, माइक्रोसॉफ्ट ने 2025 में भी कर्मचारियों की संख्या घटाने के कदम उठाए थे। इसके अलावा, जुलाई 2026 में भी पदों में कटौती किए जाने का दावा किया गया है।
हालांकि, इन आंकड़ों और तारीखों की स्वतंत्र पुष्टि के बिना इन्हें कंपनी की आधिकारिक छंटनी का अंतिम विवरण नहीं माना जाना चाहिए।
क्या भारत में काम करने वाले कर्मचारी भी होंगे प्रभावित?
रिपोर्ट के मुताबिक, इस योजना में भारत में काम करने वाले पात्र कर्मचारियों को भी शामिल किया जा सकता है। माइक्रोसॉफ्ट के भारत में इंजीनियरिंग, रिसर्च, क्लाउड कंप्यूटिंग और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में कर्मचारी काम करते हैं।
अगर योजना भारत में लागू होती है, तो पात्रता और भुगतान की शर्तें संबंधित कर्मचारियों के पद और कंपनी की नीति पर निर्भर करेंगी। फिलहाल, भारत में कितने कर्मचारियों को यह ऑफर मिलेगा, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने आना बाकी है।