Mumbai Airport Accident : देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में शामिल मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर मंगलवार रात एक बड़ा विमान हादसा टल गया। एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के दो विमान एक ही रनवे पर आमने-सामने आ गए। हालांकि, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) की सतर्कता और एयर इंडिया के पायलट की त्वरित कार्रवाई से संभावित दुर्घटना टल गई।

समाचार एजेंसी PTI के अनुसार, घटना रात करीब 10 बजे हुई, जब दिल्ली जाने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट टेक-ऑफ की तैयारी कर रही थी। इसी दौरान सिलिगुड़ी से आई एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट लैंडिंग के बाद अभी पूरी तरह रनवे से बाहर नहीं निकली थी। जैसे ही ATC को स्थिति का पता चला, उसने तत्काल एयर इंडिया के विमान को टेक-ऑफ रोकने का निर्देश दिया।
ATC के निर्देश पर तुरंत रोका गया टेक-ऑफ रन
एयर इंडिया के प्रवक्ता ने बताया कि दिल्ली जाने वाली फ्लाइट AI816 के पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल का निर्देश मिलते ही टेक-ऑफ रन तुरंत रोक दिया। इसके बाद विमान को सुरक्षित तरीके से वापस पार्किंग बे में ले जाया गया।
एयरलाइन के अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया सुरक्षा मानकों के अनुरूप की गई। विमान को दोबारा उड़ान भरने से पहले स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के तहत विस्तृत तकनीकी जांच की जाएगी।
यात्रियों के लिए की गई वैकल्पिक व्यवस्था
एयर इंडिया ने कहा कि प्रभावित यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक उड़ानों और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का इंतजाम किया गया। फिलहाल दोनों विमानों में कितने यात्री सवार थे, इसकी आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है।
एयरलाइन ने स्पष्ट किया कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा सभी आवश्यक जांच पूरी होने के बाद ही विमान को परिचालन में शामिल किया जाएगा।
Raipur factory blast : ऑक्सीजन सिलेंडर बदलते समय धमाका, 3 कर्मचारियों की गई जान
क्या होता है टेक-ऑफ रन?
टेक-ऑफ रन वह प्रक्रिया होती है जिसमें विमान रनवे पर निर्धारित गति प्राप्त करने के लिए दौड़ता है। इसी दौरान यदि किसी प्रकार का खतरा दिखाई देता है तो पायलट टेक-ऑफ रोक सकता है। इसे Rejected Take-Off (RTO) भी कहा जाता है। समय पर लिया गया ऐसा फैसला कई बार बड़े हादसों को टाल देता है।
मुंबई एयरपोर्ट पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल कैसे करता है काम?
मुंबई का छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट देश का दूसरा सबसे व्यस्त एयरपोर्ट है। यहां प्रतिदिन करीब 950 से अधिक टेक-ऑफ और लैंडिंग होती हैं, जबकि व्यस्त दिनों में यह संख्या 1,000 से भी अधिक पहुंच जाती है।
एयरपोर्ट पर दो रनवे (09/27 और 14/32) मौजूद हैं, लेकिन दोनों एक-दूसरे को काटते हैं। इसी कारण दोनों रनवे पर एक साथ सामान्य संचालन संभव नहीं होता। व्यावहारिक रूप से एयरपोर्ट एक समय में एक ही रनवे की तरह संचालित होता है।
एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) हर उड़ान की टेक-ऑफ और लैंडिंग को सेकंडों के हिसाब से नियंत्रित करता है। रनवे, टैक्सीवे, मौसम और अन्य विमानों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाती है। किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में टेक-ऑफ रोकने या विमान को दोबारा चक्कर लगाने (Go Around) का निर्देश दिया जाता है।
घटना के कारणों की होगी जांच
विमानन अधिकारियों ने इस पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि एयर इंडिया एक्सप्रेस का विमान रनवे से पूरी तरह बाहर निकले बिना दूसरी फ्लाइट को टेक-ऑफ की अनुमति कैसे मिली और क्या इसमें किसी प्रकार की प्रक्रियागत चूक हुई।
विशेषज्ञों का मानना है कि ATC और पायलटों के बीच बेहतर समन्वय ने इस घटना को गंभीर हादसे में बदलने से रोक दिया।
पिछले महीने अहमदाबाद एयरपोर्ट पर भी हुई थी ऐसी घटना
इससे पहले जून में अहमदाबाद एयरपोर्ट पर भी एयर इंडिया और इंडिगो के दो विमान एक ही टैक्सीवे पर आमने-सामने आ गए थे। उस समय भी दोनों विमानों को समय रहते रोक लिया गया था और उनके बीच लगभग 200 मीटर की दूरी रह गई थी। बाद में एयर इंडिया के विमान को टोइंग वाहन की मदद से पार्किंग बे तक ले जाया गया, जिसके बाद इंडिगो के विमान को आगे बढ़ने की अनुमति मिली।
सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
मुंबई एयरपोर्ट पर हुई इस घटना ने एक बार फिर देश के व्यस्त एयरपोर्ट्स पर एयर ट्रैफिक प्रबंधन और सुरक्षा प्रक्रियाओं को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, समय रहते ATC की सतर्कता और पायलट की सूझबूझ से सैकड़ों यात्रियों की जान सुरक्षित रही। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर रहेगी, जिससे स्पष्ट होगा कि यह घटना मानवीय भूल थी या किसी तकनीकी प्रक्रिया में कमी का परिणाम।