NEET 2027 Exam Pattern : कंप्यूटर पर होगा एग्जाम, 1000 से अधिक केंद्रों पर होगी परीक्षा

Major change in NEET 2027 exam pattern Major change in NEET 2027 exam pattern
Major change in NEET 2027 exam pattern

NEET 2027 Exam Pattern : नई दिल्ली, देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2027 को लेकर बड़ा बदलाव सामने आया है। अब यह परीक्षा पूरी तरह कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी और इसे एक ही दिन की बजाय कम से कम छह दिनों तक अलग-अलग शिफ्टों में कराया जाएगा। परीक्षा के लिए देशभर में 1,000 से अधिक परीक्षा केंद्र बनाए जाने की तैयारी है। इस बदलाव का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाना है।

Major change in NEET 2027 exam pattern
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पेपर लीक विवाद के बाद लिया गया बड़ा फैसला

NEET-UG परीक्षा में यह बड़ा बदलाव 2024 और उसके बाद सामने आए पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के मामलों के बाद किया जा रहा है। इन घटनाओं ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए थे। इसके बाद केंद्र सरकार, शिक्षा मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय ने परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की दिशा में काम शुरू किया।

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सूत्रों के अनुसार, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) नई परीक्षा प्रणाली का अंतिम खाका तैयार कर रही है। नई व्यवस्था के तहत परीक्षा JEE Main की तरह कई दिनों तक विभिन्न शिफ्टों में आयोजित की जाएगी।

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अब पूरी तरह कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) होगा NEET

अब तक NEET-UG परीक्षा पेन-पेपर मोड में आयोजित होती रही है, लेकिन NEET-UG 2027 से सभी उम्मीदवारों को कंप्यूटर पर परीक्षा देनी होगी। CBT मोड लागू होने से प्रश्नपत्रों की सुरक्षा बढ़ेगी, पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी और परीक्षा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।

हर वर्ष लगभग 25 लाख छात्र NEET-UG परीक्षा में शामिल होते हैं। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए परीक्षा को कई दिनों में आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है।

देशभर में बनेंगे 1000 से अधिक परीक्षा केंद्र

नई व्यवस्था के तहत परीक्षा संचालन के लिए देशभर में 1,000 से अधिक आधुनिक परीक्षा केंद्र तैयार किए जाएंगे। इन केंद्रों पर हाई-सिक्योरिटी सिस्टम, बायोमेट्रिक सत्यापन, CCTV निगरानी और तकनीकी सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना कम हो सके।

2026 में भी विवादों में रही थी परीक्षा

इस वर्ष 3 मई 2026 को NEET-UG परीक्षा देश के 551 शहरों और विदेश के 14 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी। करीब 20 लाख उम्मीदवारों ने परीक्षा दी थी। परीक्षा के कुछ दिनों बाद गड़बड़ी की शिकायतें सामने आने पर जांच शुरू हुई।

7 मई को अनियमितताओं की जानकारी मिलने के बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया। इसके बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई और री-एग्जाम कराने का निर्णय लिया गया। 15 मई को शिक्षा मंत्रालय और NTA ने दोबारा परीक्षा की तारीख घोषित की। पूरे मामले की जांच CBI कर रही है।

परीक्षा सुधार के लिए बनी थी उच्चस्तरीय समिति

परीक्षा प्रणाली में सुधार लाने के लिए जून 2024 में शिक्षा मंत्रालय ने पूर्व ISRO अध्यक्ष के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया था। समिति को परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के सुझाव देने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

समिति की सिफारिशों के आधार पर अब NEET-UG में बड़े बदलाव लागू किए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भविष्य में परीक्षा की विश्वसनीयता बढ़ेगी और उम्मीदवारों का भरोसा मजबूत होगा।

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इन पाठ्यक्रमों में भी मिलता है प्रवेश

NEET-UG केवल MBBS और BDS में प्रवेश का माध्यम नहीं है, बल्कि इसके आधार पर BAMS (आयुर्वेद), BHMS (होम्योपैथी), BUMS (यूनानी), BSMS (सिद्ध) सहित कई मेडिकल और पारंपरिक चिकित्सा पाठ्यक्रमों में भी दाखिला दिया जाता है। ऐसे में परीक्षा प्रणाली में किया जा रहा यह बदलाव देशभर के लाखों छात्रों को सीधे प्रभावित करेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि CBT मोड लागू होने से परीक्षा अधिक निष्पक्ष और सुरक्षित होगी। हालांकि, ग्रामीण और तकनीकी संसाधनों से वंचित छात्रों के लिए कंप्यूटर आधारित परीक्षा की तैयारी एक नई चुनौती हो सकती है। इसलिए उम्मीद की जा रही है कि NTA परीक्षा से पहले छात्रों के लिए मॉक टेस्ट और अभ्यास सुविधाएं भी उपलब्ध कराएगा।

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