CGPSC 2003 भर्ती पर 23 साल बाद फिर उठे सवाल, 147 अफसरों के चयन की दोबारा खुलेगी फाइल

CGPSC 2003 रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की वर्ष 2003 की भर्ती परीक्षा एक बार फिर चर्चा में आ गई है। करीब 23 साल पुराने इस भर्ती मामले में अब चयन प्रक्रिया और कथित अनियमितताओं की जांच को लेकर नई हलचल शुरू हो गई है। उस समय डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर कुल 147 अधिकारियों के चयन को लेकर सवाल उठे थे। अब इस पुराने मामले की फाइल दोबारा खोले जाने की बात सामने आई है।

2003 की भर्ती में चयन पर उठे थे सवाल

वर्ष 2003 में आयोजित CGPSC भर्ती परीक्षा के जरिए राज्य प्रशासनिक और पुलिस सेवा समेत विभिन्न पदों पर अधिकारियों का चयन किया गया था। उस समय परीक्षा और चयन प्रक्रिया को लेकर कथित गड़बड़ियों के आरोप लगाए गए थे।

Mumbai Kurla Crane Accident: कुरैशी नगर में अचानक पलटी क्रेन, रेलवे OHE लाइन पर गिरी; 6 लोग घायल

Advertisement

मामले में सबसे ज्यादा चर्चा लिखित परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर हुई थी। आरोपों में यह भी कहा गया था कि कुछ अभ्यर्थियों को कथित तौर पर असामान्य तरीके से अंक दिए गए।

‘एक पेज लिखने पर 55 नंबर’ का आरोप

पुराने मामले में सामने आए आरोपों में एक दावा यह भी रहा कि किसी अभ्यर्थी को कम लिखने के बावजूद अधिक अंक मिले, जबकि पूरी कॉपी लिखने वाले अभ्यर्थियों को अपेक्षाकृत कम अंक दिए गए। इसी संदर्भ में ‘एक पेज लिखा तो 55 नंबर, पूरी कॉपी पर 10 नंबर’ जैसी बातें सामने आई थीं।

हालांकि ऐसे आरोपों की वास्तविकता और जिम्मेदारी तय करने के लिए दस्तावेजों तथा मूल्यांकन प्रक्रिया की विस्तृत जांच जरूरी है। अब पुरानी फाइल दोबारा खुलने की स्थिति में इन सभी बिंदुओं की पड़ताल की जा सकती है।

147 अधिकारियों के चयन की जांच पर नजर

इस भर्ती प्रक्रिया के तहत चयनित 147 अधिकारियों को लेकर भी सवाल उठे थे। इनमें डिप्टी कलेक्टर और डीएसपी जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल थे। इतने महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर चयन होने के कारण इस मामले की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर उठने वाले सवाल गंभीर माने जा रहे हैं।

फाइल दोबारा खुलने के बाद यह देखा जा सकता है कि परीक्षा में किस प्रक्रिया के तहत मूल्यांकन हुआ, अंक कैसे दिए गए और चयन के दौरान निर्धारित नियमों का पालन किया गया था या नहीं।

23 साल बाद क्यों महत्वपूर्ण है मामला?

CGPSC की भर्ती प्रक्रिया को लेकर छत्तीसगढ़ में पहले भी कई विवाद सामने आते रहे हैं। ऐसे में 2003 की भर्ती से जुड़ी पुरानी फाइल का दोबारा खुलना प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पुराने दस्तावेजों की जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश होगी कि आरोपों में कितनी सच्चाई थी और यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई थी तो उसके लिए कौन जिम्मेदार था।

Spread the love
Advertisement