नई दिल्ली। Rahul Gandhi PM Modi Debate Challenge: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सार्वजनिक बहस (डिबेट) की चुनौती दी है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर कहा कि उनके चैलेंज को 24 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन प्रधानमंत्री की ओर से अब तक कोई जवाब नहीं आया है। उन्होंने पीएम मोदी से कहा कि वे अपनी पसंद की जगह और मंच चुन सकते हैं, लेकिन उन्हें बहस के लिए सामने आना चाहिए। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी की चुनौती पर पलटवार करते हुए कहा कि पहले संसद में चर्चा करके दिखाइए।
राहुल गांधी ने किन मुद्दों पर PM मोदी को दी बहस की चुनौती?
राहुल गांधी ने अपने वीडियो में कई महत्वपूर्ण मुद्दों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बहस के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को देशद्रोही कहने के आरोपों पर भी खुलकर चर्चा होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने विदेशी ताकतों से कथित संबंधों, देश के फाइनेंशियल सिस्टम, अमेरिका के साथ हुई डील, उद्योगपति गौतम अडाणी और एपस्टीन प्रकरण जैसे मुद्दों को बहस में शामिल करने की बात कही।
राहुल गांधी ने तंज कसते हुए कहा कि उनके खिलाफ अब तक करीब 45 मानहानि के मामले दर्ज हो चुके हैं, लेकिन विदेशी कनेक्शन से जुड़े मुद्दों पर मानहानि का मुकदमा क्यों नहीं किया जा रहा है। वीडियो के अंत में उन्होंने प्रधानमंत्री को दिवाली की शुभकामनाएं देते हुए कहा, “आ जाइए, डरिए मत।”
अमित शाह ने राहुल गांधी को दिया जवाब
राहुल गांधी की चुनौती पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार हर मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार है। सरकार विशेष सत्र बुलाकर SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) जैसे मुद्दे पर भी चर्चा करने को तैयार है।
अमित शाह ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने नकली संसद बनाकर असली संसद का मजाक उड़ाया है। अगर उनमें हिम्मत है तो संसद में देश की जनता के सामने चर्चा करें। उन्होंने यह भी कहा कि केवल हाथ में संविधान लेकर घूमने से संवैधानिक मूल्यों का समर्थन नहीं होता, बल्कि व्यक्ति के आचरण में भी संवैधानिक मूल्यों की झलक दिखनी चाहिए।
पहले भी कई बार PM मोदी को बहस की चुनौती दे चुके हैं राहुल गांधी
यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सार्वजनिक बहस के लिए चुनौती दी है। इससे पहले भी वह कई मौकों पर अलग-अलग मुद्दों को लेकर डिबेट की मांग कर चुके हैं।
- अगस्त 2018: राहुल गांधी ने राफेल सौदे को लेकर प्रधानमंत्री मोदी को आमने-सामने बहस की चुनौती दी थी।
- जनवरी 2019: लोकसभा में प्रधानमंत्री के साथ 20 मिनट की वन-टू-वन बहस की मांग की थी।
- अप्रैल 2019: भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सार्वजनिक बहस का चैलेंज दिया था।
- 2024 लोकसभा चुनाव से पहले: राष्ट्रीय सुरक्षा, अडाणी और इलेक्टोरल बॉन्ड जैसे मुद्दों पर बहस का प्रस्ताव रखा था।
राहुल की चुनौती और शाह के जवाब से बढ़ी सियासी हलचल
राहुल गांधी के ताजा बयान और अमित शाह के पलटवार के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक तरफ राहुल गांधी प्रधानमंत्री मोदी के साथ सार्वजनिक मंच पर बहस की मांग कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ अमित शाह ने उन्हें संसद के भीतर चर्चा करने की चुनौती दी है। अब इस सियासी टकराव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से कोई प्रतिक्रिया आती है या नहीं, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।