T.S. Singh Deo’ रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। पार्टी के अंदर नेतृत्व बदलाव को लेकर अटकलों के बीच पूर्व उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता टीएस सिंह देव का नाम प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए सामने आ रहा है। सोशल मीडिया पर भी सिंह देव को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाने की मांग करते हुए कई पोस्टर वायरल हो रहे हैं।
हालांकि, टीएस सिंह देव ने इस पूरे मामले में कहा है कि कांग्रेस में संगठन से जुड़े सभी बड़े फैसले पार्टी का हाईकमान लेता है। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष के कार्यकाल को लेकर भी स्पष्ट किया कि इसके लिए कोई तय समय सीमा नहीं होती।
दीपक बैज के कार्यकाल को लेकर चर्चा तेज
छत्तीसगढ़ कांग्रेस के मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज का कार्यकाल पूरा होने की चर्चाओं के बाद संगठन में बदलाव की अटकलें बढ़ गई हैं। दीपक बैज आदिवासी समुदाय से आने वाले प्रमुख कांग्रेस नेताओं में शामिल हैं और उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष के रूप में पार्टी की कमान संभाली है।
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उनके कार्यकाल को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा चल रही है कि कांग्रेस संगठन अब नए नेतृत्व पर विचार कर सकता है। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक प्रदेश अध्यक्ष को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
समर्थकों ने सोशल मीडिया पर चलाया अभियान
टीएस सिंह देव के समर्थकों ने सोशल मीडिया पर उन्हें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाने की मांग शुरू कर दी है। कई पोस्टर और संदेश वायरल हो रहे हैं, जिनमें उन्हें संगठन की जिम्मेदारी सौंपने की अपील की जा रही है।
समर्थकों का कहना है कि सिंह देव का लंबा राजनीतिक अनुभव और प्रशासनिक समझ पार्टी संगठन को मजबूत करने में मदद कर सकती है। हालांकि, यह मांग फिलहाल समर्थकों तक सीमित है और पार्टी स्तर पर कोई निर्णय सामने नहीं आया है।
सिंह देव बोले- फैसला हाईकमान का अधिकार
इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए टीएस सिंह देव ने कहा कि कांग्रेस में संगठनात्मक नियुक्तियों का फैसला केंद्रीय नेतृत्व करता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष के पद के लिए कार्यकाल की कोई निश्चित अवधि निर्धारित नहीं होती।
सिंह देव ने किसी भी तरह की दावेदारी से दूरी बनाते हुए कहा कि पार्टी जो जिम्मेदारी देगी, उसका पालन किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ में आने वाले राजनीतिक मुकाबलों को देखते हुए कांग्रेस संगठन को मजबूत करने की कवायद तेज है। पार्टी नए नेतृत्व के जरिए कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और संगठन को मजबूती देने की रणनीति पर काम कर सकती है।
फिलहाल प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर अंतिम फैसला कांग्रेस हाईकमान के हाथ में है। अब सभी की नजरें पार्टी नेतृत्व के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।