मोदी सरकार का नया मस्यौदा— केंद्र सरकार ने देश के सभी टेलीविजन और प्राइवेट एफएम रेडियो प्रसारण सेवाओं के लिए एक समान नियामक ढांचा तैयार करने का प्रस्ताव रखा है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा जारी दूरसंचार (टेलीविजन, रेडियो और संबद्ध सेवाएं) नियम, 2026 के मसौदे के तहत अब प्राइवेट रेडियो चैनलों को भी ‘राष्ट्रीय महत्व और सामाजिक प्रासंगिकता वाले विषयों’ पर कार्यक्रम प्रसारित करने होंगे। सरकार ने इस नए मसौदे पर आम जनता और हितधारकों से 27 जुलाई, 2026 तक सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं।

सुबह 6 से रात 11 बजे के बीच दिखाना होगा कंटेंट
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सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा सार्वजनिक किए गए इस नए मसौदे के अनुसार, सभी टेलीविजन चैनलों को सुबह 6:00 बजे से रात 11:00 बजे के बीच प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट के लिए राष्ट्रीय महत्व और सामाजिक प्रासंगिकता से जुड़े विषयों पर कंटेंट प्रसारित करना अनिवार्य होगा। यही नियम अब निजी एफएम रेडियो ऑपरेटरों पर भी समान रूप से लागू करने की तैयारी है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य देश के सुदूर इलाकों तक सरकारी प्राथमिकताओं, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक कल्याण से जुड़ी जानकारियों को पहुंचाना है।
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आम जनता और प्रसारण उद्योग पर क्या होगा असर
इस नए नियम के लागू होने के बाद प्राइवेट एफएम चैनलों के प्रोग्रामिंग शेड्यूल में बड़ा बदलाव आएगा। अब तक निजी रेडियो स्टेशन मुख्य रूप से संगीत और मनोरंजन आधारित कार्यक्रमों का ही प्रसारण करते थे, लेकिन नए नियम के बाद उन्हें भी सामाजिक जागरूकता से जुड़े कंटेंट के लिए समय निकालना होगा। इसमें महिला सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, साक्षरता, लोक स्वास्थ्य और कृषि जैसे विषयों को शामिल किया जा सकता है। आम उपभोक्ताओं को अब कमर्शियल ब्रेक और गानों के बीच इन जरूरी सामाजिक संदेशों को सुनने को मिलेगा। सरकार इन सुझावों की समीक्षा करने के बाद ही अंतिम गाइडलाइन जारी करेगी।