अयोध्या से नेपाल के जनकपुर के लिए जल्द चलेगी सीधी ट्रेन— भारत और नेपाल के बीच सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। दोनों देशों के बीच सीमा-पार रेलवे लिंक (Cross-Border Railway Link) और रेल सहयोग को लेकर काठमांडू में दो दिवसीय उच्च स्तरीय बैठक हुई। इस बैठक का मुख्य आकर्षण जनकपुर (नेपाल) से अयोध्या (भारत) के बीच एक सीधी यात्री ट्रेन सेवा शुरू करने का प्रस्ताव रहा, जिसके लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) पर विस्तार से चर्चा की गई है।

प्रोजेक्ट स्टीयरिंग कमेटी की 10वीं बैठक में लिया गया फैसला
भारतीय दूतावास द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, काठमांडू में 11 और 12 जून को भारत-नेपाल के बीच 10वीं प्रोजेक्ट स्टीयरिंग कमेटी (PSC) और 8वीं जाइंट वर्किंग ग्रुप (JWG) की बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में दोनों देशों के वरिष्ठ प्रशासनिक और रेल अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बातचीत का मुख्य एजेंडा दोनों देशों के बीच मौजूदा रेल संपर्कों को मजबूत करना और नए रूटों पर परिचालन शुरू करना था। जनकपुर-अयोध्या रूट पर ट्रेन सेवाओं को जल्द से जल्द जमीन पर उतारने के लिए दोनों पक्षों ने परिचालन से जुड़े तकनीकी और सुरक्षा मानकों पर सहमति जताई है।
श्रद्धालुओं और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर सीधा असर
इस सीधी रेल सेवा के शुरू होने से उत्तर प्रदेश के अयोध्या और नेपाल के जनकपुर के बीच यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों को सीधे तौर पर फायदा होगा। वर्तमान में श्रद्धालुओं को सीमा पार करने के लिए कई बार साधन बदलने पड़ते हैं, जिससे समय और पैसा दोनों अधिक खर्च होता है।
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- धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा: भगवान राम की नगरी अयोध्या और माता सीता की जन्मस्थली जनकपुर के बीच सीधा संपर्क होने से ‘रामायण सर्किट’ को बड़ा बल मिलेगा।
- व्यापार में आसानी: सीमा-पार रेल कनेक्टिविटी मजबूत होने से स्थानीय व्यापारियों को सामान लाने और ले जाने में सुविधा होगी, जिससे भारत-नेपाल सीमा के नजदीकी बाजारों में आर्थिक गतिविधि बढ़ेगी।
- अगला कदम: अधिकारियों के अनुसार, एसओपी पर अंतिम मुहर लगते ही इस रूट पर ट्रायल रन और समय-सारणी (Time-Table) की घोषणा की जाएगी।