CG NEWS : नशे के खिलाफ महा-अभियान , ओडिशा पुलिस ने पकड़ी करोड़ों की ड्रग्स, चलता-फिरता लैब मिला

जंगल के भीतर चलता था पूरा नेटवर्क

घने जंगल। संकरी पगडंडियां। और उन्हीं के बीच छिपा था एक मोबाइल सेटअप। पुलिस टीम जब अंदर घुसी, तो उन्हें सिर्फ सामान नहीं मिला—एक पूरा ऑपरेशन मिला। अधिकारियों के मुताबिक यह कोई स्थायी लैब नहीं थी। यह “चलती-फिरती फैक्ट्री” थी। लोकेशन बदलती रहती थी। ट्रैक करना मुश्किल। यही इसकी ताकत थी। ऑपरेशन का नेतृत्व कोरापुट रेंज के डीआईजी डॉ. केवी सिंह ने किया। टीम ने इलाके को घेरा, और फिर तेज कार्रवाई। मौके से भारी मात्रा में तैयार ऑयल, प्रोसेसिंग उपकरण और कच्चा माल मिला।

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कैसे बनता है हशीश ऑयल?

यह कोई साधारण ड्रग नहीं। गांजा से निकाले गए रेजिन को प्रोसेस कर तैयार किया जाता है। कीमत ज्यादा। मांग भी ज्यादा।

  • जंगलों में छिपकर उत्पादन
  • स्थानीय नेटवर्क की मदद
  • राज्य से बाहर सप्लाई चैन

पुलिस को शक है कि यह नेटवर्क अंतरराज्यीय स्तर पर काम कर रहा था।

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