नई दिल्ली। GRAP-3 implemented in Delhi-NCR:दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। हवा की बिगड़ती गुणवत्ता को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने शुक्रवार, 6 नवंबर को ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का तीसरा चरण लागू कर दिया है। इसके साथ ही प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए कई सख्त कदम उठाए गए हैं। स्कूलों में पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन यानी हाइब्रिड मोड में पढ़ाई की व्यवस्था अनिवार्य कर दी गई है। वहीं, पुराने पेट्रोल और डीजल वाहनों के संचालन पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
पांचवीं तक के बच्चों के लिए ऑनलाइन-ऑफलाइन पढ़ाई
GRAP-3 लागू होने के बाद दिल्ली-NCR के स्कूलों में पढ़ाई के तरीके में बदलाव किया गया है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने वीडियो संदेश जारी कर नई व्यवस्था की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि दिल्ली के साथ नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत में पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए हाइब्रिड मोड में पढ़ाई होगी। इसके तहत स्कूलों को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से कक्षाएं संचालित करनी होंगी।
हालांकि, स्कूलों को पूरी तरह बंद करने का आदेश नहीं दिया गया है। विद्यार्थी और अभिभावक अपनी सुविधा और परिस्थितियों के अनुसार ऑनलाइन या ऑफलाइन पढ़ाई का विकल्प चुन सकते हैं। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य छोटे बच्चों को प्रदूषित हवा के संपर्क में आने से बचाना है।
पुराने पेट्रोल-डीजल वाहनों पर लगा प्रतिबंध
प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए GRAP-3 के तहत वाहनों पर भी सख्ती की गई है। दिल्ली के अलावा गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में BS-III और उससे पुराने पेट्रोल वाहनों के संचालन पर रोक रहेगी।
इसके साथ ही BS-IV और उससे पुराने डीजल चार पहिया वाहनों को भी प्रतिबंधित किया गया है। दिल्ली में BS-IV और उससे पुराने डीजल मध्यम मालवाहक वाहनों के संचालन पर भी रोक लगाई गई है।
वहीं, दिल्ली के बाहर पंजीकृत BS-IV और उससे पुराने डीजल हल्के मालवाहक वाहनों को राजधानी में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। हालांकि, दिव्यांग व्यक्तियों के निजी इस्तेमाल के लिए विशेष रूप से अनुकूलित वाहनों को छूट दी गई है।
निर्माण कार्यों और धूल फैलाने वाली गतिविधियों पर सख्ती
GRAP-3 लागू होने के बाद निर्माण और तोड़फोड़ से जुड़ी गतिविधियों पर भी प्रतिबंध बढ़ा दिए गए हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा, आवश्यक सेवाओं और निर्धारित जरूरी परियोजनाओं को छोड़कर अधिकांश निर्माण कार्यों पर रोक रहेगी।
इसके अलावा सड़कों पर धूल कम करने के लिए पानी का छिड़काव और सफाई अभियान तेज किया जाएगा। प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक गतिविधियों पर भी निगरानी बढ़ाई जाएगी। अधिकारियों को नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
हवा की रफ्तार कम होने से बढ़ सकती है परेशानी
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने आशंका जताई है कि शनिवार से हवा की रफ्तार कम होने के कारण प्रदूषण का स्तर और बढ़ सकता है। हवा धीमी होने से वातावरण में मौजूद प्रदूषक तत्व लंबे समय तक बने रह सकते हैं।
ऐसे में आने वाले दिनों में दिल्ली-NCR की वायु गुणवत्ता और खराब होने की आशंका है। प्रशासन की ओर से लोगों को प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े नियमों का पालन करने की अपील की गई है।
क्या है GRAP-3 और कब होता है लागू?
GRAP यानी ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए बनाई गई एक आपातकालीन कार्ययोजना है। इसे प्रदूषण के स्तर के आधार पर चार चरणों में बांटा गया है। जैसे-जैसे हवा की गुणवत्ता खराब होती है, वैसे-वैसे प्रतिबंध सख्त किए जाते हैं।
GRAP के चार चरण इस प्रकार हैं:
- GRAP-1 (खराब): AQI 201 से 300 तक।
- GRAP-2 (बहुत खराब): AQI 301 से 400 तक।
- GRAP-3 (गंभीर): AQI 401 से 450 तक।
- GRAP-4 (गंभीर प्लस): AQI 450 से अधिक।
GRAP-3 लागू होने का उद्देश्य प्रदूषण के गंभीर स्तर को नियंत्रित करना और लोगों को इसके दुष्प्रभावों से बचाना है। फिलहाल दिल्ली-NCR में स्कूलों, वाहनों और निर्माण गतिविधियों पर लागू पाबंदियों का पालन करना जरूरी होगा।