Putrada Ekadashi’ पर संतान सुख की कामना के लिए करें ये उपाय, श्रीकृष्ण के इस मंत्र का करें जाप

Putrada Ekadashi’ हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। साल में आने वाली विभिन्न एकादशियों में पुत्रदा एकादशी को संतान सुख और संतान की मंगलकामना से जुड़ी महत्वपूर्ण तिथि माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की विधि-विधान से पूजा करने तथा व्रत रखने से भक्तों को मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त हो सकता है। हालांकि, ये धार्मिक मान्यताएं हैं और इनका वैज्ञानिक प्रमाण नहीं माना जाता।

भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व

पुत्रदा एकादशी के दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करने के बाद भगवान विष्णु या श्रीकृष्ण की पूजा करने की परंपरा है। पूजा स्थल को साफ करके भगवान की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। इसके बाद दीपक जलाकर भगवान को पीले फूल, फल, तुलसी दल और नैवेद्य अर्पित करें।

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धार्मिक मान्यता है कि भगवान विष्णु को तुलसी अत्यंत प्रिय है। इसलिए पूजा के दौरान भगवान को तुलसी दल अर्पित करना शुभ माना जाता है। पूजा के बाद भगवान से संतान सुख और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना की जाती है।

संतान सुख के लिए करें ये उपाय

पुत्रदा एकादशी पर संतान सुख की कामना रखने वाले दंपति भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का ध्यान कर सकते हैं। सुबह पूजा के बाद भगवान श्रीकृष्ण के सामने घी का दीपक जलाकर श्रद्धापूर्वक मंत्र जाप करने की परंपरा है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है। भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार मंत्र का जाप कर सकते हैं। इसके अलावा विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना भी धार्मिक रूप से फलदायी माना जाता है।

व्रत रखने से पहले रखें इन बातों का ध्यान

पुत्रदा एकादशी पर कई लोग निर्जला या फलाहार व्रत रखते हैं। हालांकि, व्रत का तरीका व्यक्ति की क्षमता और स्वास्थ्य के अनुसार होना चाहिए। किसी बीमारी, गर्भावस्था या अन्य स्वास्थ्य संबंधी स्थिति में उपवास करने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना उचित है।

एकादशी के दिन सात्विक भोजन करने, भगवान का स्मरण करने और जरूरतमंदों को दान देने की भी परंपरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन अन्न, फल, वस्त्र या अपनी सामर्थ्य के अनुसार अन्य वस्तुओं का दान करना पुण्यकारी माना जाता है।

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