Supreme Court on Firecrackers : पटाखों पर पूरे देश में नहीं लगेगा प्रतिबंध, सुप्रीम कोर्ट ने तय की आगे की सुनवाई

40-year delay in justice: Supreme Court upset with Allahabad HC's attitude. 40-year delay in justice: Supreme Court upset with Allahabad HC's attitude.
40-year delay in justice: Supreme Court upset with Allahabad HC's attitude.

नई दिल्ली। Supreme Court Firecracker Ban: दिवाली से पहले पटाखों पर प्रतिबंध को लेकर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को अहम सुनवाई हुई। अदालत ने पूरे देश में पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने से इनकार किया है। कोर्ट ने कहा कि दिवाली लोगों की भावनाओं से जुड़ा त्योहार है और देशभर में पटाखों पर पूरी तरह रोक लगाना फिलहाल संभव नहीं है। हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि पटाखे चलाने के लिए 24 घंटे की अनुमति नहीं दी जा सकती।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि त्योहार से जुड़ी भावनाओं और स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संबंधी चिंताओं के बीच संतुलन बनाने की जरूरत है। अदालत अब पटाखों के प्रकार और उनके इस्तेमाल की समय-सीमा को लेकर आगे निर्देशों पर विचार करेगी।

24 घंटे पटाखे चलाने की अनुमति नहीं

मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस एम.एम. सुंदरेश ने कहा कि पटाखे चलाने की 24 घंटे की अनुमति नहीं दी जा सकती। अदालत की ओर से यह संकेत दिया गया कि पटाखे चलाने के लिए निर्धारित समय-सीमा तय की जा सकती है।

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सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि वह इस बात पर विचार करेगा कि किस तरह के पटाखों के इस्तेमाल की अनुमति दी जाए और उन्हें कितने समय तक चलाया जा सकेगा।

बेरियम और डेसिबल स्तर की भी जांच

सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) को बेरियम की मात्रा और पटाखों के ध्वनि स्तर से संबंधित जांच के लिए अतिरिक्त समय दिया गया। अदालत इन तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे के निर्देश तय करेगी।

सुप्रीम कोर्ट पहले भी पटाखों से होने वाले वायु और ध्वनि प्रदूषण को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर चुका है। 2018 के अपने आदेश में अदालत ने कम उत्सर्जन वाले और ग्रीन पटाखों को लेकर भी प्रावधान किए थे तथा कुछ परिस्थितियों में पटाखे चलाने के लिए समय-सीमा निर्धारित की थी।

दिवाली की भावनाओं और पर्यावरण के बीच संतुलन पर जोर

अदालत के सामने एक ओर दिवाली के दौरान पटाखों के इस्तेमाल से जुड़ी धार्मिक एवं सामाजिक भावनाओं का मुद्दा है, वहीं दूसरी ओर वायु प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं हैं। सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया कि वह दोनों पहलुओं को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था तय करेगा।

इसलिए फिलहाल पूरे देश में पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया गया है, लेकिन इसका मतलब यह भी नहीं है कि पटाखे बिना किसी समय या अन्य नियमन के चलाए जा सकेंगे।

15 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई

मामले की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर 2026 को होगी। तब अदालत पटाखों के प्रकार, इस्तेमाल के समय और अन्य संबंधित प्रतिबंधों को लेकर आगे की व्यवस्था पर विचार कर सकती है।

क्या अभी पूरे देश में पटाखे चलाने पर रोक है?

नहीं। बुधवार की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने से इनकार किया है। हालांकि, अदालत ने 24 घंटे पटाखे चलाने की अनुमति देने से भी साफ तौर पर इनकार किया है। आगे की शर्तों और समय-सीमा पर 15 अक्टूबर को सुनवाई होगी।

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