ओमान के पास भारतीय जहाजों पर हमले को लेकर भारत सख्त, अमेरिकी राजदूत तलब; 3 नाविकों की मौत

नई दिल्ली। ओमान के तट के पास भारतीय नाविकों वाले जहाजों पर हुए हमलों को लेकर भारत ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि अमेरिकी नौसेना ने भारतीय क्रू वाले तीसरे जहाज MT जलवीर पर भी हमला किया है।

MT जलवीर के सभी 20 भारतीय सुरक्षित
सरकार के अनुसार, MT जलवीर पर सवार सभी 20 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने का अभियान जारी है।

पहले भी दो जहाजों पर हमला
इससे पहले MT सेटेबेलो और MT मैरीवेक्स पर भी हमले हो चुके हैं। इन घटनाओं में अब तक 3 भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कुछ अन्य क्रू मेंबर लापता बताए जा रहे हैं।

Advertisement

CG Crime News : बालोद में शर्मनाक वारदात’ कोतवाल गिरफ्तार, चॉकलेट का लालच देकर 8 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म

अमेरिकी राजदूत को किया तलब
भारत ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए अमेरिकी राजदूत को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट कहा कि भारतीय जहाजों पर हो रहे हमले तुरंत बंद किए जाएं।

अमेरिकी कमांड ने भी हमले की पुष्टि की
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने तीनों जहाजों पर हमले की बात स्वीकार की है, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।

खाड़ी क्षेत्र में बड़ी संख्या में भारतीय मौजूद
सरकार ने बताया कि खाड़ी क्षेत्र में इस समय 13 भारतीय झंडे वाले जहाज और 18 हजार से अधिक भारतीय नाविक मौजूद हैं। इनमें 562 नाविक भारतीय जहाजों पर तैनात हैं।

पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट

1. जॉर्डन का दावा
जॉर्डन की सेना ने दावा किया कि ईरान से दागी गई 5 मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया गया। किसी नुकसान की खबर नहीं है।

2. ईरान का पलटवार
ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक दक्षिणी क्षेत्र में अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराया गया, हालांकि अमेरिका ने इसकी पुष्टि नहीं की है।

3. होर्मुज के पास टैंकर पर हमला
होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक ऑयल टैंकर पर हमले के बाद आग लग गई। जहाज पर 24 भारतीय समेत 28 लोग सवार थे, जिसमें एक की मौत और कुछ के लापता होने की सूचना है।

4. रूस की अपील
रूस ने अमेरिका और ईरान से संयम बरतने और सैन्य कार्रवाई रोककर कूटनीति अपनाने की अपील की है।

5. कतर की पहल
कतर ने क्षेत्रीय तनाव कम करने के लिए अपना प्रतिनिधिमंडल तेहरान भेजा है, जिससे दोनों देशों के बीच बातचीत का रास्ता निकले।

Spread the love
Advertisement