नई दिल्ली: PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मोदी सरकार के केंद्रीय मंत्रियों का दो दिवसीय चिंतन शिविर बुधवार से शुरू हो गया है। यह बैठक 24 सितंबर तक चलेगी। शिविर की मुख्य थीम ‘विकसित भारत 2047’ रखी गई है। इसमें मंत्रियों के कामकाज, सरकार की प्राथमिकताओं और आने वाले समय की रणनीति पर चर्चा होने की जानकारी सामने आई है।
पहले दिन मंत्री देंगे प्रेजेंटेशन, दूसरे दिन होगा रिव्यू
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शिविर के पहले दिन केंद्रीय मंत्री अपने-अपने विभाग और कामकाज से जुड़े मुद्दों पर प्रेजेंटेशन देंगे। इसके बाद दूसरे दिन इन प्रेजेंटेशनों और काम की समीक्षा की जाएगी।
एक मंत्री के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि समीक्षा के दौरान मंत्रियों के प्रदर्शन की ग्रेडिंग भी की जा सकती है। इसमें एक्सीलेंट, गुड, एवरेज और पुअर जैसी श्रेणियां शामिल होने की बात कही गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस मूल्यांकन को भविष्य में कैबिनेट में फेरबदल के लिए एक आधार के तौर पर देखा जा सकता है।
जेन जी और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर फोकस
चिंतन शिविर में जेन जी (Gen Z) से जुड़े मुद्दों पर भी मंत्रियों से चर्चा की जाएगी। मंत्रियों से यह बताने को कहा जा सकता है कि उन्होंने युवाओं के साथ संवाद और जुड़ाव बढ़ाने के लिए क्या कदम उठाए हैं।
इसके अलावा उनके क्षेत्र में युवाओं के प्रमुख मुद्दे क्या हैं, युवाओं के साथ कितनी बैठकें या चर्चाएं हुईं और युवा सरकार तथा बीजेपी को लेकर क्या सोचते हैं, जैसे विषय भी चर्चा का हिस्सा बताए जा रहे हैं।
UGC और युवा रोजगार पर भी होगी चर्चा
शिविर में UGC से जुड़े मुद्दों को लेकर जेन जी की राय और उसके प्रभाव पर भी चर्चा होने की जानकारी है। मंत्रियों से संबंधित मुद्दों पर अपनी रणनीति और आगे की कार्ययोजना बताने को कहा जा सकता है।
वहीं युवा रोजगार भी बैठक के प्रमुख विषयों में शामिल है। युवाओं में रोजगार को लेकर संतुष्टि और असंतोष के कारणों को समझने तथा सरकार की नीतियों को लेकर चर्चा होने की संभावना है।
महिला आरक्षण पर भी मंथन
चिंतन शिविर में महिला आरक्षण से जुड़े मुद्दे पर भी चर्चा होगी। 2023 में संसद से पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया था। इसके कार्यान्वयन को परिसीमन और जनगणना से जोड़ा गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, इस विषय पर मंत्रियों से सुझाव भी लिए जाएंगे और आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा।
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2021 में भी हुआ था मंत्रियों का चिंतन सत्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सितंबर 2021 में भी केंद्रीय मंत्रिपरिषद के साथ इसी तरह का चिंतन सत्र कर चुके हैं। उस बैठक में मंत्रियों के कामकाज, कार्यकुशलता, समय और संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल, सरकारी योजनाओं की निगरानी और शासन में सुधार जैसे विषयों पर चर्चा हुई थी।
इसके बाद नवंबर 2021 में मंत्रियों को अलग-अलग समूहों में बांटकर प्रशासन से जुड़े विभिन्न विषयों पर काम आगे बढ़ाने की कवायद की गई थी।
2021 से तैयार हो रहा ‘विकसित भारत 2047’ का रोडमैप
‘विकसित भारत 2047’ का विजन तैयार करने की प्रक्रिया पिछले कई वर्षों से चल रही है। 2021 में वरिष्ठ अधिकारियों के सेक्टोरल ग्रुप बनाए गए थे, जिन्हें 2047 तक भारत के विकास के लिए दीर्घकालिक और अल्पकालिक योजनाओं का रोडमैप तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी।
प्रधानमंत्री मोदी ने 15 अगस्त 2022 को लाल किले से देश को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य सामने रखा था। मौजूदा चिंतन शिविर में इसी दीर्घकालिक विजन को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की योजनाओं पर चर्चा की जा रही है।
मंत्रालयों और नीति आयोग के काम की भी समीक्षा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बैठक में सचिवों के समूहों द्वारा किए गए काम, अलग-अलग मंत्रालयों और विभागों की प्रगति, कैबिनेट सेक्रेटेरिएट और नीति आयोग से जुड़े काम को भी एक साथ रखा जाएगा।
इस समीक्षा के आधार पर सरकार की प्राथमिकताओं, योजनाओं के क्रियान्वयन और भविष्य की रणनीति पर आगे चर्चा हो सकती है।